आज 28 सितंबर को भगतसिंह के जन्मदिवस पर नौजवान भारत सभा की उत्तर पश्चिमी दिल्ली इकाई द्वारा तीसरे दिन शाहाबाद डेयरी के विभिन्न ब्लॉकों में ‘पैग़ाम-ए-इंक़लाब मुहिम’ की शुरुआत सुबह प्रभात फेरी में क्रांतिकारी गीतों से की गई। इसके बाद अलग-अलग जगहों पर गुरुशरण सिंह के नाटक ‘हवाई गोले’ पर आधारित ‘देख फकीरे लोकतंत्र का फूहड़ नंगा नाच’ खेला गया और नुक्कड़ सभाएं करते हुए पर्चा वितरण किया गया।
Related posts
-
‘काकोरी ऐक्शन’ के शहीद अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ अमर रहें!
स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी, 'हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' के क्रान्तिकारी अमर शहीद अशफ़ाक़ उल्ला ख़ान का आख़िरी... -
शहीद मास्टर दा सूर्यसेन अमर रहें!
“मौत मेरे दरवाजे पर दस्तक दे रही है। मेरा मन अनन्तकाल की ओर उड़ रहा है... -
एक महान क्रान्तिकारी की आख़िरी लड़ाई और उसकी याद के आईने में हमारा समय
कड़वी सच्चाई यही है कि जतिन दास, भगतसिंह और उनके तमाम साथी आज होते तो जेलों...










CONGRATS TO PAIGAM A INQUILAB MUHIM. NBS IS DOING WELL.LAL SALAM